Saturday, January 11, 2014

बदलाव जरूरी....


बदलाव की जो ब्यार जो लोगों के जेहन में जोरो से चल रही है. वह एक दिन आग का रूप ले सकती है... अगर आप बदले नहीं तो सब खत्म हो जाएगा. आप हाथ धरे के धरे रह जाएंगे. बदल डालो अपने आप को और देश को. इस बदलाव का ऊपज है आम आदमी पार्टी... हम नहीं जानते आगे क्या होगा, लेकिन प्रजेंट में जो दिल्ली के सीएम कर रहे है वो एक बदलाव है. देश के लोगों जागो और इस बदलाव के ब्यार में आप भी बह जाओ.... क्योंकि देश तुम्हे बुला रहा है. एक आम आदमी होने का मतलब राक्षस रूपी नेताओं का समझा डालो......

Tuesday, December 31, 2013

हैप्पी न्यू ईयर .... 2014

आया रे आया... नया साल आया
नए उमंगे नए तरंगे
खुशियों ·ा बहार लाया
आया रे आया... नया साल आया...
हैप्पी न्यू ईयर .... 2014

नयेसाल ·े पावन बेला

नयेसाल ·े पावन बेला
·ुछ नया ·र·े दिखलाओ....

2013 जैसे भी बिता
2014 में नया सफर अपनाओ...

दु:ख-सूख जीना सिखाता
नया रथ पर सवार हो जाओ...

नए साल में नए हिस्ट्री रचों
साल भर यादगार हो जाए....

Friday, July 8, 2011

लव आजकल

        आप तो प्यार-व्यार समझते ही होंगे. नहीं समझते तो कोई बात नही, कबीर को जानते ही होंगे. अगर हां, तो 'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होयÓ यह दोहा जरूर पढ़ा होगा. अब खत्म हो गया वो सब. ढाई अक्षर जो किसी-किसी की जिदंगी ले रहा है. उन लोगों का क्या कसूर जिन्होंने कुछ किया ही नहीं तब भी उनकी जान ले ली जा रही है. एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को काट डालती है और एक लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए वह निर्दोष लड़की की जान ले लेती है. इसे क्या कहेंगे आप कलयुग का असर या और कुछ. जो भी कहिए.............इसे जरूर पढि़ए.

             बात आती है वो कौन है जो यह सब करता है. कोई दूसरा नहीं हम-आप करते हैं. प्यार का भूत जब सिर पर सवार होता है तो कुछ भी कर गुजरता है. ऐसी ही एक घटता अमरोहा में हुई थी. एक महिला ने अपने प्रेमी प्रधानपति के साथ मिलकर दो साल के अपने मासूम को काट डाला. ये मां है कि मां के वेष में डायन. मासूम का क्या कसूर जो उसे मौत के घाट उतार दिया. मासूम क्या जानता था, वह तो अपनी मां की गोद में खेलने आया था. आंचल तले दूध पीने आया था. मां दो साल तक अपने जिगर के टुकड़े को नहीं रख पाई और प्यार में अपने बच्चे को टुकड़े-टुकड़े कर दिए. ओह, आप तो दांत तले उंगली दबा तो लेंगे ही. धैर्य रखिए अभी...

          यह केस कुछ उल्टा है. यानी पूरी फिल्मी. इसमें बेटी ने अपने प्रेमी के साथ रहने और मां-बाप को चकमा देने के लिए एक मासूम से उसकी मां को छीन ली. यहां पर फिर 'ढाई आखरÓ का ही खेल था. यह घटना गोरखपुर की है. एक लड़की जो अपने मां-बाप और भाई की बहुत रिस्पेक्ट करती थी. और उधर, प्यार के पींगें बढ़ा रही थी. किसी को कुछ नहीं पता था कि वह क्या कर रही है. सब जानते हैं हमारी बेटी पढ़-लिखकर नाम करेंगी, लेकिन नाम किया उसके अपोजिट. सोनपुर से ट्रक ड्राइवर पूजा नाम एक लड़की ले आया. प्यार में पागल हुआ दीपक और प्रेमी से मिलने को बेताब शिखा, पैसे का प्यासा ट्रक ड्राइवर ने निर्दोष पूजा को मार डाला. शिखा ने अपने कपड़े पूजा की शव को पहना दिया. ट्रक ड्राइवर और अन्य साथी मिलकर शव घर के कुछ ही दूर नाले में फेंक दिया. जिससे पता चले की शिखा की हत्या हो चुकी है. उसके घर वाले शिखा को कुछ दिन के बाद भूल जाएंगे. शिखा और दीपक की आराम से जिंदगी कट जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पुलिस ने शिखा और दीपक को वाराणसी के सोनपुर से पकड़ लाई. 
               
           उधर, बेटी समझ कर पूजा के शव का दाह-संस्कार कर दिया गया. जब पिता को पता चला की शिखा जिंदा है, तो उसे दिल का दौरा पड़ गया. पुलिस ने शिखा और दीपक को जेल भेज दिया. यहीं पर इस लव स्टोरी का 'द इंड' हो जाता है. 
                      लिखते-लिखते मुझे इसी पर 'हीरो' फिल्म के गाने याद आ गए... नजर डालिए.............

                              प्यार करने वाले कभी डरते नहीं
                              जो डरते हैं वो प्यार करते नहीं ...

Monday, April 11, 2011

बस जरूरत थी एक लीडर की


टीम डिपेंड करती है लीडर पर, आपका लीडर कैसा है. अगर वह पूरी ईमानदारी से लीडरशिप निभाता है तो उसे जरूर से जरूर सफलता मिलेगी. हम बात करते हैं धोनी और अन्ना की. टीम इंडिया के पास एक लीडर कप्तान धोनी है जिससे टीम इंडिया को कई महत्वपूर्ण सफतला मिली. वह कूल है, द बेस्ट है. कूल माइंड से हर जंग को असानी से जीत लेता है. ऐसे में एक जंग थी 28 साल बाद वल्र्ड कप जीतने की. कप्तान धोनी ने एक कुशल लीडर की तरह उसे लीड किया और टीम इंडिया वल्र्ड कप जीत गई. पूरे देश में होली और दीवाली एक साथ मनाई गई.
        
      अब बात आती है अन्ना हजारे की. करप्शन के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने लीड किया कि उनके साथ पूरा देश जुड़ गया. कोई जंतर-मंतर जाकर तो कोई अपने ही सिटी में उनको सपोर्ट करने के लिए सड़क पर उतर आए. और तो और जो लोग ऑफिस वर्क वाले थे वह नहीं जा सकते थे तो उन्होंने आईटी का सहारा लिया. मेल कर और मिस काल कर लोग जुड़े. अन्ना हजारे ने एक कूल लीडर की तरह करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ी जिसके सामने  सरकार ने माथा टेक दिया, और करप्शन के खिलाफ जीत मिली.
    
     इस दोनों जंग में शनिवार गवाह है जो हम टीम इंडिया वल्र्ड कप जीत कर पूरी दुनिया को दिखा दिया. वैसे ही अन्ना हजारे ने कर दिखाया करप्शन के खिलाफ. और करप्शन के खिलाफ शनिवार को जंग जीत लिया. फिर दो दिन के बाद लौट आई होली और दीवाली फिर से. पूरा देश करप्शन के खिलाफ मिली जीत को सेलिब्रेट कर रहा है. जब-जब देश पर परेशानी आती है तब-तब किसी एक लीडर का जन्म होता है .........

Sunday, March 27, 2011

आओ प्यारे अफरीदी, हो जाओगे भीगी बिल्ली

आओ प्यारे अफरीदी, हो जाओगे भीगी बिल्ली
अगर तुम विकेट के लिए चिल्लाओगे
रनों की बैछार पाओगे
आओ प्यारे अफरीदी, हो जाओगे ..........
                                  सचिन लगाएंगे चौका
                                  सहवाग को मिलेगा मौका
                                  सहवाग लगाएंगे छक्के
                                  आओ प्यारे अफरीदी, हो जाओगे ..........
सचिन की सेंचुरी, युवी का हुंकार
टीम इंडिया जीतेगा कप
तुम ले जाओगे टप
आओ प्यारे अफरीदी, हो जाओगे ..........