आप तो प्यार-व्यार समझते ही होंगे. नहीं समझते तो कोई बात नही, कबीर को जानते ही होंगे. अगर हां, तो 'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होयÓ यह दोहा जरूर पढ़ा होगा. अब खत्म हो गया वो सब. ढाई अक्षर जो किसी-किसी की जिदंगी ले रहा है. उन लोगों का क्या कसूर जिन्होंने कुछ किया ही नहीं तब भी उनकी जान ले ली जा रही है. एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को काट डालती है और एक लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए वह निर्दोष लड़की की जान ले लेती है. इसे क्या कहेंगे आप कलयुग का असर या और कुछ. जो भी कहिए.............इसे जरूर पढि़ए.
बात आती है वो कौन है जो यह सब करता है. कोई दूसरा नहीं हम-आप करते हैं. प्यार का भूत जब सिर पर सवार होता है तो कुछ भी कर गुजरता है. ऐसी ही एक घटता अमरोहा में हुई थी. एक महिला ने अपने प्रेमी प्रधानपति के साथ मिलकर दो साल के अपने मासूम को काट डाला. ये मां है कि मां के वेष में डायन. मासूम का क्या कसूर जो उसे मौत के घाट उतार दिया. मासूम क्या जानता था, वह तो अपनी मां की गोद में खेलने आया था. आंचल तले दूध पीने आया था. मां दो साल तक अपने जिगर के टुकड़े को नहीं रख पाई और प्यार में अपने बच्चे को टुकड़े-टुकड़े कर दिए. ओह, आप तो दांत तले उंगली दबा तो लेंगे ही. धैर्य रखिए अभी...
यह केस कुछ उल्टा है. यानी पूरी फिल्मी. इसमें बेटी ने अपने प्रेमी के साथ रहने और मां-बाप को चकमा देने के लिए एक मासूम से उसकी मां को छीन ली. यहां पर फिर 'ढाई आखरÓ का ही खेल था. यह घटना गोरखपुर की है. एक लड़की जो अपने मां-बाप और भाई की बहुत रिस्पेक्ट करती थी. और उधर, प्यार के पींगें बढ़ा रही थी. किसी को कुछ नहीं पता था कि वह क्या कर रही है. सब जानते हैं हमारी बेटी पढ़-लिखकर नाम करेंगी, लेकिन नाम किया उसके अपोजिट. सोनपुर से ट्रक ड्राइवर पूजा नाम एक लड़की ले आया. प्यार में पागल हुआ दीपक और प्रेमी से मिलने को बेताब शिखा, पैसे का प्यासा ट्रक ड्राइवर ने निर्दोष पूजा को मार डाला. शिखा ने अपने कपड़े पूजा की शव को पहना दिया. ट्रक ड्राइवर और अन्य साथी मिलकर शव घर के कुछ ही दूर नाले में फेंक दिया. जिससे पता चले की शिखा की हत्या हो चुकी है. उसके घर वाले शिखा को कुछ दिन के बाद भूल जाएंगे. शिखा और दीपक की आराम से जिंदगी कट जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पुलिस ने शिखा और दीपक को वाराणसी के सोनपुर से पकड़ लाई.
उधर, बेटी समझ कर पूजा के शव का दाह-संस्कार कर दिया गया. जब पिता को पता चला की शिखा जिंदा है, तो उसे दिल का दौरा पड़ गया. पुलिस ने शिखा और दीपक को जेल भेज दिया. यहीं पर इस लव स्टोरी का 'द इंड' हो जाता है.
लिखते-लिखते मुझे इसी पर 'हीरो' फिल्म के गाने याद आ गए... नजर डालिए.............
प्यार करने वाले कभी डरते नहीं
जो डरते हैं वो प्यार करते नहीं ...