आपकी आवाज निकलने के पहले ही बंद कर दी जाती है. आपका अधिकार धीरे-धीरे छीना जा रहा हैं. क्या आपको नहीं मालूम? क्या कुंभकरण की नींद सो रहे हैं. आखिर कब तक सोते रहेंगे जब आप सब कुछ गंवा बैठेंगे तब, नहीं आप जागो और neta रूपी राक्षस को पहचानों. जिसे पांच साल के लिए चुनते है. जिसको अपना हीरो मान बैठते है. वहीं है असली राक्षस जो आपका हीरो है. गांव-गांव और गली-गली घूमकर हाथ जोड़कर आप लोगों से वोट मांगते है जो आपके सामने भोला-भाला और अनाथ जैसा चेहरा दिखाते है आपको बुद्धु बना कर चले जाते है. और आपके वह हीरो हो जाते है और आप उनको अपना वोट देकर अधिकार खो बैठेते है. वो अधिकार जो सरकार की उलट-पलट कर देती है वो अधिकार यानी अपना मताधिकार.
आपको क्या बताए आपको मालूम ही होगा की हमारे देश का यूथ लालचौक पर अपने देश की शान और जान तिरंगा फहराने जा रहे थे. उसे नहीं फहराने दिया गया. इससे बुरा दिन क्या होगा, जो अपने देश की झंडा फहराने के लिए रोक लगा रहा है. ये कैसी आजादी जो अपना तिरंगा अपने देश में ही फहराने नहीं दिया जाता है. आजाद होते तो जरूर तिरंगा फहराने को मिलता..... आखिर कब तक चलेगा ये खेल....अब तो जोगो....
यह तो टे्रलर है पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त.
आपको क्या बताए आपको मालूम ही होगा की हमारे देश का यूथ लालचौक पर अपने देश की शान और जान तिरंगा फहराने जा रहे थे. उसे नहीं फहराने दिया गया. इससे बुरा दिन क्या होगा, जो अपने देश की झंडा फहराने के लिए रोक लगा रहा है. ये कैसी आजादी जो अपना तिरंगा अपने देश में ही फहराने नहीं दिया जाता है. आजाद होते तो जरूर तिरंगा फहराने को मिलता..... आखिर कब तक चलेगा ये खेल....अब तो जोगो....
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