टीम डिपेंड करती है लीडर पर, आपका लीडर कैसा है. अगर वह पूरी ईमानदारी से लीडरशिप निभाता है तो उसे जरूर से जरूर सफलता मिलेगी. हम बात करते हैं धोनी और अन्ना की. टीम इंडिया के पास एक लीडर कप्तान धोनी है जिससे टीम इंडिया को कई महत्वपूर्ण सफतला मिली. वह कूल है, द बेस्ट है. कूल माइंड से हर जंग को असानी से जीत लेता है. ऐसे में एक जंग थी 28 साल बाद वल्र्ड कप जीतने की. कप्तान धोनी ने एक कुशल लीडर की तरह उसे लीड किया और टीम इंडिया वल्र्ड कप जीत गई. पूरे देश में होली और दीवाली एक साथ मनाई गई.
अब बात आती है अन्ना हजारे की. करप्शन के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने लीड किया कि उनके साथ पूरा देश जुड़ गया. कोई जंतर-मंतर जाकर तो कोई अपने ही सिटी में उनको सपोर्ट करने के लिए सड़क पर उतर आए. और तो और जो लोग ऑफिस वर्क वाले थे वह नहीं जा सकते थे तो उन्होंने आईटी का सहारा लिया. मेल कर और मिस काल कर लोग जुड़े. अन्ना हजारे ने एक कूल लीडर की तरह करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ी जिसके सामने सरकार ने माथा टेक दिया, और करप्शन के खिलाफ जीत मिली.
इस दोनों जंग में शनिवार गवाह है जो हम टीम इंडिया वल्र्ड कप जीत कर पूरी दुनिया को दिखा दिया. वैसे ही अन्ना हजारे ने कर दिखाया करप्शन के खिलाफ. और करप्शन के खिलाफ शनिवार को जंग जीत लिया. फिर दो दिन के बाद लौट आई होली और दीवाली फिर से. पूरा देश करप्शन के खिलाफ मिली जीत को सेलिब्रेट कर रहा है. जब-जब देश पर परेशानी आती है तब-तब किसी एक लीडर का जन्म होता है .........